Nov 18, 2016







Stage कोई ड्रामा का platform नहीं, यह एक जज़्बा है दिल का..जो जिज्ञासा का समंदर बनाता है। कभी आँखों में छलकता है, कभी शब्दों के बाण चलाता है। Stage किसी अभिनेता का नहीं, हर उस व्यक्ति का है जो विशेष है। माँ का stage, बाप का stage, दोस्त का stage या हर रिश्ते का। मोहल्ले में कपूर अंकल का stage सबसे हस्यप्रिय है मुझे। कभी director का रोल करके मोहल्ले को रंग से भरते है, कभी villain का रोल करके सबकी चुग़ली लगते है। कभी hero बनके किसी की मदद भी कर देते है! ऐसा ही है यह stage। अभिनय को समझने के लिए कलाकारों की रूह में झाँकना ज़रूरी है… तभी तो रेगिस्तान के उस आदमी के मुँह में पानी का स्वाद समझ आएगा।



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